Download

College
Info

Admission
Enquiry

Play
Store

संगम यूनिवर्सिटी मे वन्यजीव संरक्षण पर जागरूकता कार्यशाला

Posted By - Media Admin On - Fri 4,Oct 2019

संगम यूनिवर्सिटी मे वन्यजीव संरक्षण पर जागरूकता कार्यशाला

संगम यूनिवर्सिटी मे वन्यजीव संरक्षण पर जागरूकता कार्यशाला
भीलवाडा । संगम यूनिवर्सिटी भीलवाडा के स्कुल आॅफ बेसिक एण्ड एप्लाई साईन्स के बायोलाॅजी विभाग के तत्वाधान मे डाॅ सुधा महावर के नेतृत्व मे वन्य जीव सप्ताह का अयोजन किया जा रहा हैं, इसी क्रम मे संस्थान परिसर मे वन्य जीव संरक्षण एंव जागरुकता पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा, हरेन्द्र कुमार महावर, जिला वन विभाग अधिकारी देवेन्द्र प्रताप जगावत व सेवानिवृत्त वनविभाग अधिकारी डाॅ. रामलाल विश्नौयी, संगम यूनिवर्सिटी के वाईस चान्सलर प्रोफेसर डाॅ. के. पी. यादव, व रजिस्ट्रार डॉ ओ.पी. गुप्ता ने पौधारोपण कर किया। 


कार्यक्रम मे एम.एस.सी. के अरमान शेख और साक्षी पारीक द्वारा वन्यजीव संरक्षण के महत्व का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया गया। प्राणीशास्त्र व्याख्याता डॉ. गुनमाला गुगालिया ने वनों की कटाई का पर्यवरण पर प्रभाव पर भाषण दिया। छात्रा मोनिका व्यास ने वन्य जीवन संरक्षण व जागरूकता पर रोचक जानकारी दी। बी.एस.सी. प्रथम वर्ष के छात्र अरमान शेख ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम पर विस्तार से चर्चा करी। मुख्य अतिथि हरेन्द्र कुमार महावर ने वन्यजीवों की सुरक्षा हेतु उठाये जाने वाले प्रशासनिक कदम की जानकारी दी, वन अधिकारी देवेन्द्र प्रताप जगावत द्वारा सरिस्का अभ्यारण्य प्रोजेक्ट टाइगर व वन्य प्राणीयों की सुरक्षा के बारे बताया साथ ही वन्य जीवों के लिए संरक्षित क्षैत्र व उसके आसपास निवासरत लोगो के बीच सामन्जस्य पर वन विभाग की भूमिका पर प्रकाश डाला। यूनिवर्सिटी के वाईस चान्सलर प्रोफेसर डाॅ. के. पी. यादव ने वाईल्ड लाईफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के बारे मे बताया तथा विलुप्त हो रही प्रजातियों के संरक्षण हेतु सभी को मिलकर कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होने बताया कि जनसंख्या वृद्धि, डिफोरेस्टेशन, कृषि क्षैत्र मे वृद्धि, प्रदुषण और मनुष्य का स्वार्थी स्वभाव मुख्य रुप से बायोडार्वसीटी एंव इकोसिस्टम को प्रभावित करते हैं। 

जल संरक्षण विषय पर नाटक का मंचन रवीना एंड ग्रुप द्वारा किया तथा एनिमल राईट्स पर अरमान और समूह द्वारा नाटक के माध्यम से आर्कषक प्रस्तुति दी गई। छात्रा सोनाली स्वर्णकार द्वारा प्लास्टिक प्रदूषण का प्रभाव विषय पर तथा साक्षी द्वारा वन्यजीव संरक्षण में भारत की उपलब्धियों पर लेख के माध्यम से अपनी बात रखी। कार्यक्रम में डाॅ. गुणमाला, किशोर सिंह चैहान एवं कविता वैष्णव का अहम योगदान रहा। इस अवसर पर पोस्टर और मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसमे प्रतिभागीयो का प्रमाणपत्र वितरीत किये गयें। डाॅ. प्रीती मेहता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
 
भारत मे:
500 प्रजातियो के वन्य जीवों
2100 प्रकार के पक्षी
20000 प्रकार के रेप्टाईल व जलीय जीव 
165 गेम सेन्चूरी
21 नेशनल पार्क